कुम्भ पर अध्ययन

नया आगमन

कुंभ मेला : अनुष्ठानों और विश्वास की झलक

लेखक- -डॉ. रूचि सिंह ( धार्मिक अध्ययन की विशेषज्ञ )

पुस्तक के बारे में : कुंभ मेला दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक समायोजन है। भारत के कुंभ मेले को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने "मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत" के रूप में मान्यता दी है और तीर्थयात्रियों को दुनिया की सबसे बड़ी शांतिपूर्ण सभा के रूप में मान्यता दी है। यह पुस्तक पवित्र नदियों गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर प्रयागराज में कुंभ मेले की ऐतिहासिकता और उससे जुड़े विभिन्न संस्कारों और अनुष्ठानों की पड़ताल करती है। यह कुंभ मेला 2019 पर भी प्रकाश डालती है। यह पुस्तक हिंदू धर्म में तीर्थयात्रा के महत्व और प्रयाग के पवित्र परिसर का विश्लेषण करती है। यह पुस्तक ऐतिहासिक अक्षयवट पर भी प्रकाश डालती है ।


यह पुस्तक फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है

कुम्भ : सर्वजन - सहभागिता का गर्शालतम अमृतपर्व

प्रकाशक : पिलग्रिम्स प्रकाशन, वाराणसी

लेखक : रामानन्द

कुम्भ मेला और साधु समागम अमरत्व की ख़ोज

प्रकाशक : पिलग्रिम्स प्रकाशन, वाराणसी

लेखक : बद्री नारायण-केदार नारायण

कुम्भ मेला ( मिथक एवं यथार्थ )

प्रकाशक : पिलग्रिम्स प्रकाशन, वाराणसी

लेखक : रामानन्द

होली डिप

प्रकाशक : स्टेडियम प्रेस (इंडिया) प्रा०लि०

लेखक : देवेश चतुर्वेदी, आई०ए०एस०

कुम्भ मेला: पिलग्रिमेज टू दि ग्रेटेस्ट कास्मिक फेयर

संपादक : ओ०पी० दूबे

कुम्भ मेला: मैपिंग दि इफरमरल मेगा सिटी

प्रकाशक : नियोगी बुक्स, हारवर्ड यूनिवर्सिटी, साउथ एशिया, इंस्टिट्यूट

महाकुम्भ 2001 : ग्रेटेस्ट शो आन अर्थ

लेखक : जे०एस० मिश्रा

महाकुम्भ : स्प्रिचुअल जर्नी

लेखक : जीवेश नंदन, आई०ए०एस०

महाकुम्भ दर्शन

लेखक : रामनेश त्रिपाठी

इम्पार्टेस आफ लाइफ स्टाइल ड्यूरिंग कुम्भ बाथ एण्ड कल्पवास फार प्रिवेशन आफ कम्यूनिकेबल डिजीज

लेखक : वाचस्पति त्रिपाठी