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कुम्भ मेला प्राधिकरण द्वारा मनाया गया विश्व शौचालय दिवस

कुम्भ भी स्वच्छ रखेंगे, देश भीश् की शपथ लेते हुए प्रारम्भ हुआ विश्व शौचालय दिवस का समारोह। कुम्भ मेला प्राधिकरण द्वारा विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर दिनांक 19 नवम्बर 2018 को त्रिवेणी संगम के किनारे बसे किला घाट पर स्वच्छता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को शौचालय के प्रति जागरुक करना एवं उसके प्रयोग करने के लाभों के बारे बताना रहा। आयोजित समारोह में मेला प्राधिकरण एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जल विभाग, पी0 डब्ल्यू0 डी0, एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के समन्वय से कुल 1000 लोग रहे जिसमें से लगभग 200 स्वच्छाग्रहियों, 800 सफाई कर्मचारी, एवं 100 वेन्डर्स द्वारा विभिन्न गतिविधियों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए और आगामी कुम्भ में होने वाली स्वच्छता की सुविधाओं की जानकारी देते हुए, पर्यावरण विशेषज्ञ, श्रीमती सलोनी गोयल द्वारा किया गया। श्रीमती सलोनी गोयल जी ने जानकारी दी कि कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सफाई व्यवस्था हेतु इस बार कुम्भ मेला प्राधिकरण 1 लाख 22 हज़ार 5 सौ शौचालयों की व्यवस्था कर रहा है। संगम के तट पर पानी की स्वच्छता को विषेश महत्व देते हुए सेप्टिक टैंक विधि के शौचालय लग रहे हैं जिससे की जल संरक्षित रहेगा। कुम्भ क्षेत्र को साफ सुथरा रखने के लिए लगभग हर 50 मीटर पर लाइनर बैग युक्त डस्टबिन लगवाए जाऐंगे। कुम्भ मेला क्षेत्र में बन रहे हर सेक्टर में कूड़े के प्रबन्धन हेतु 2 कम्पैटर्स की व्यव्स्था रहेगी। जिला पंचायती राज्य अधिकारी श्री अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि स्वच्छ कुम्भ के संदेश को लोगो तक पहुँचानें में स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण के अन्तर्गत कार्यरत स्वच्छता के प्रहरी स्वच्छाग्रहियों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। लोगों में व्यवहार परिवर्तन करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के सौजन्य से इस बार पूरे मेला क्षेत्र में 2000 स्वच्छाग्रहियों को तैनात किया जा रहा है। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मण्डल, प्रयागराज, डाक्टर अशोक कुमार पालीवाल ने शौचालयों के प्रर्दशन के दौरान बताया कि मेले मे विभिन्न प्रकार के शौचालय जैसे एफ0 आर0 पी0 शौचालय, टिन शौचालय, स्टील शौचालय, कनाथ शौचालय की स्थापना हो रही है। लगने वाले शौचालयों की साफ सफाई इस बार नो - टच क्लीनिंग विधि अर्थात जेट स्प्रे मशीन द्वारा की जाएगी। सफाई कर्मियों के रुकनें हेतु सैनिट्री काॅलोनी की व्यवस्था प्रदान की जाएगी। साथ ही मेला प्राधिकरण कई नवीन योजनाओं एवं तकनीकों के माध्यम से स्वच्छता की अभिनव व्यवस्थाएँ प्रदान करानें और समय समय पर इनकी भलीभांति देख रेख करते रहनें का भी प्रबन्ध कर रहा है।

कार्यक्रम में स्वच्छता के सन्देश को और भी रोचक तरीके से लोगों तक पहुँचानें के लिए बहुप्रिय, शौचा सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शौचा सिंह ने स्वच्छता के गीतों द्वारा सभी लोगो को शौचालय के प्रयोग के लाभ बताकर बड़े ही मनोरंजक तरीके से जागरुक किया।

सभी प्रतिभागियों ने एकता की महत्ता एवं शक्ति के प्रतीक स्वरुप रस्सी खिंचाई, लोटा रेस, लंगड़ी रेस एवं किटाणुओं का विनाश जैसे खेलों में बहुत ही उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर परमार्थ फाउँडेशन द्वारा किये गये पप्पेट शो के माध्यम से नदियों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की महत्ता को भी दर्शाया गया। प्रयागराज में हो रही स्वच्छ कुम्भ चैंप्स प्रतियोगिता के सर्वप्रथम स्वच्छ कुम्भ चैम्प श्री संजीव त्रिपाठी एवं अर्चना त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए ये बताया कि दूसरों की आदत बदलनें से पहले हमें स्वयं की आदत सुधारनी चाहिए क्योंकि हमारा कूड़ा हमारी ज़िम्मेदारी है।

इसी प्रकार आप भी स्वच्छता के क्षेत्र में अपना एक महत्वपूर्ण योगदान दर्ज़ करानें के लिए स्वच्छ कुम्भ चैंप्स अभियान में शामिल हों और स्वच्छ कुम्भ और स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार करनें के लिए, आइये हम सब एकजुट होते हैं।

कार्यक्रम में श्रीमती अर्चना सिंह, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय द्वारा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।

सोमवार, 19 नवम्बर 2018
पूर्ण दिवस