आकस्मिक सेवायें

तीर्थयात्रीगण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये आकस्मिकताओं के विरूद्ध संघर्ष करने के लिये उपाय किये गये हैं।

अग्निशमन सेवा :

40 अग्निशमन केन्द्र 15 अग्नि शमन चौकियों के साथ स्थापित की गयी हैं जो निम्नलिखित संसाधनों से सुसज्जित होंगे:

  • मध्यम एवं बड़ी क्षमता युक्त अग्निशमन ट्रकें।
  • जल फुहार की बाइकें एवं जीपें।
  • रेस्क्यू एण्ड फोम टेन्डर।
  • अग्निशमन यंत्र।
  • फायर एम्बुलेंस।
  • स्वांस लेने के उपकरण इत्यादि।

पुलिस एवं आकस्मिक सेवा मानव शक्ति :

पुलिस एवं आकस्मिक सेवा मानव शक्ति: कुम्भ मेला 2019 के लिये एक बड़ी मानवशक्ति नियोजित की गयी है। सिविल पुलिस, यातायात पुलिस एवं सशस्त्र पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्र बल, जल पुलिस, चौकीदार एवं होमगार्डस् के पर्याप्त बलों को नियोजित किया गया है।

निगरानी टावर :

परिसंकटमय आकस्मिकताओं, घटनाओं एवं भीड़ का निकट से सन्निरीक्षण करने हेतु क्षेत्रों में लगाये गये हैं।
आकस्मिकताओं की दशा में प्रत्येक घाट के लिये विरचना के साथ विशेष निक्रमण (खाली कराना) योजनायें समेकित की गयी है।

समेकित समादेश एवं नियंत्रण केन्द्र :

इस तंत्र का उपयोग बहुसंख्या में विभागों का समेकन एवं एक सन्निरीक्षण मंच प्रदान करने के लिये किया जाता है। आकस्मिकताओं की दशा में सूचनायें स्थापित की गयी 21 आई0सी0सी0सी की मदद से सभी सम्बन्धित विभागों को संप्रेषित की जा सकती हैं।