आपदा प्रबंधन

  • स्वास्थ्य आपातकाल डी. एम. सी. सी. (डिजास्टर मैनेजमेंट कंट्रोल सेल) की स्थापना केंद्रीय अस्पताल में नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि सहाय के नेतृत्व में की गई है, (मोबाइल न. 9935541911) 5 सदस्यों की कुल 72 त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया टीमें (क्विक रेस्पॉन्स टीम), प्रत्येक सर्कल ऑफिस में 2 और प्रत्येक सर्कल अस्पतालों में 2 को तैनात किया गया है। इसके अलावा, वायरलेस सेट के साथ 86 एम्बुलेंस इन टीमों का सहयोग करने के लिए मेला क्षेत्र में 24x7 उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ स्वच्छता, वेक्टर जनित बीमारियों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के लिए भी तैयारी की है। मेला क्षेत्र के सेक्टर 2 में 100-बेड वाला केंद्रीय अस्पताल स्थापित किया गया है, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता के साथ-साथ एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, 20 बिस्तरों वाले अस्पताल 11 अन्य सर्कल अस्पतालों को स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए सेक्टर 1,4,6,7,10,12,16 और 19 में स्थापित किया गया है। सेक्टर 14 और 20 में दो 20 बिस्तरों वाले संक्रामक रोग अस्पताल भी स्थापित किए गए हैं। साथ ही, मेला क्षेत्र के अंदर 25 प्राथमिक चिकित्सा पोस्ट और मेला क्षेत्र के बाहर 27 स्वास्थ्य सेवा यूनिट की स्थापना रोगियों को सेवा प्रदान करने के लिए की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मेला परिसर में 1.10 लाख शौचालयों की स्थापना करके एक रिकॉर्ड बनाया है। इन शौचालयों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। उपरोक्त के अलावा, संक्रामक रोगों का मुकाबला करने के लिए एक वेक्टर नियंत्रण इकाई का गठन किया गया है।
  • आग के संकट : आग के संकट से सम्बन्धित आपदा से संघर्ष करने के लिये प्राधिकरण के द्वारा उपचारात्मक उपाय किये गये हैं जो आधुनिक एवं नव्य अग्निशमन उपकरणों को सम्मिलित करती है। संकट कम करने वाली रणनीतियों की बेहतर सक्षमता हेतु मानक संचालन प्रक्रिया विरचित की गयी है।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: 10 सुपर स्पेशालिटी डिपार्टमेंट्स न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, इन्डोक्रइनोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, आनको सर्जरी एवं सीटीवीएस गैस्ट्रोइन्ट्रोलॉजी एवं कार्डियोलॉजी के गंभीर रोगियों के लिये विशिष्टि उपचार प्रदान करते हैं। आपदा की स्थिति के साथ व्यवहार करने के लिये 40 बिस्तरो का एक ट्रामा केयर सुविधा सम्पन्न ट्रामा सेन्टर बनाये गये हैं। 30 बिस्तरों काएक समर्पित विशेष वार्ड एस०आर०एन० अस्पताल एवं अन्य सहबद्ध अस्पतालों में कुंभ मेला तीर्थयात्रीगण के लिये प्रत्येक विशिष्टियों में 5 बिस्तर आरक्षित किये गये हैं।
  • बाढ़: कुंभ मेला क्षेत्र में बाढ़ की स्थितियों से निपटने के लिये मानक संचालन प्रक्रिया विरचित की गयी है और सभी विभागों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ प्रतिक्रिया तंत्र लाइफबाय, लाइफ जैकेट्स, जेट्टी, सोनार सिस्टम, नावें इत्यादि जैसे खतरा कम करने वाले उपकरणों के साथ तैयार किये गये हैं।
  • भगदड़ : जलने की उपस्तियां, डूबना, भगदड़ इत्यादि की दशा में समर्पित डाक्टरों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ को टीम के विशेष किटों के साथ आपदा प्रबंधन सुविधाओं से युक्त नियोजित किये गये हैं। प्रत्येक पुलिस अधिकारी को यातायात योजना (मार्ग बदलाव एवं ठहराव क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुये) मार्ग बदलने वाले तीर्थ यात्रीगण को गलत दिशा में जाने से रोकने के लिये सूचित किया जायेगा। क्षेत्र प्रभारी एवं निरीक्षकों को प्रतिदिन प्रत्येक 2 घंटे में बैरीकेटिंग व्यवस्थाओं की दशा का निरीक्षण करना है जिससे निर्धारित दिशाओं में भीड़ का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। चौबीसों घंटे सम्यक् जन प्रसारण तंत्र का उपयोग करते हुये भीड़ का मार्ग परिवर्तन किये जाने हेतु उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान हेतु निगरानी करती हुई सी०सी०टी०वी० कैमरे, प्रथम सहायता किट, बैरियर्स, टार्चेज इत्यादि लगाये गये हैं। उच्च जोखिम क्षेत्रों में आकस्मिक उपकरणो का भण्डार एवं आपूर्ति की व्यवस्था की गयी है।